रतलाम में पेराशूट से नेता नहीं उतरे तो जाने- आम कांग्रेसी

जयपुर/रतलाम।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए जहां आम जनता की रग पर हाथ धरा, वही पार्टी में भीतरघात करने वाले, और पेराशूट से पार्टी प्रत्याशी बनने वालों के इरादों पर पानी फेर दिया है। गांधी ने साफ लब्जों में कहा हैं कि विधानसभा में उसी को टिकिअ दूंगा, जो पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता है। ऐसे में म.प्र. के रतलाम शहर से दिग्गीराजा के चहेते कांग्रेस से मोह भंगकर अन्य पार्टी से चुनाव लड़े। और वर्तमान में फिर से कांग्रेस के मैनजमैंट गुरू के हस्ते रतलाम शहर से दमखम से दावेदारी ठोक रहे है। उपरी नेताओं के खास, किन्तु आम कांग्रेसजनों की आंखों की किरकिरी ऐसे नेता को रतलाम शहर से टिकिट मिल पाना असम्भव लग रहा है। किन्तु कुछ निर्दलीय पट्ठों से चर्चा के बाद, ऐसा लग रहा हैं कि कांग्रेस में सब सम्भव है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के वक्तव्यों की कितनी वखत (कितना मूल्य) है। आने वाले समय में आम मतदाताओं को दिखेगा। राहुल जी के पेराशुट वाले बयान से धरातलीय कांग्रेसी नेता खुश है, वही अवसरवादियों के चेहरे उतरे हुए है। रतलाम में खेमो में बटी कांग्रेस का, एक ग्रुप यह नारा बुलंद कर रहा था, कि ‘अब पारस पत्थर हो जायेगा’ तभी धड़े के एक नेता ने एक उत्साहिलाल के मुंह पर ताकत के साथ हाथ का पंजा रखा। अब देखना है कांग्रेस सनातन को टिकिट देती है या फिर फुर्र ….. फुर्र …. के चक्कर में, फिर पांच साल फुरसत में, फूल के कांटो को भोपाल पहुंचायेगी।

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