रतलाम के युवाओं के लिए बड़ी सौगात: सृजन कॉलेज में शुरू हुए पॉलीटेक्निक डिप्लोमा कोर्स…

10वीं के बाद अब शहर में ही मिलेगी तकनीकी शिक्षा…

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रतलाम/जनवकालत न्यूज। शहर और आसपास के अंचल के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब युवाओं को इंदौर या अन्य बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके ‘सृजन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड साइंस’ (सृजन कॉलेज) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कई नए पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है, जो रतलाम के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सौगात है।

इन आधुनिक पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश-

वर्ष 2009 से अपनी विश्वसनीयता, कठोर अनुशासन और विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रतिष्ठित सृजन कॉलेज अब स्थानीय युवाओं को उनके ही शहर में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराएगा।इस वर्ष से शुरू हो रहे पॉलीटेक्निक डिप्लोमा के अंतर्गत विद्यार्थियों को पारंपरिक कोर्स के साथ-साथ भविष्य की मांग के अनुरूप कोर्स भी मिलेंगे। इनमें प्रमुख हैं:

  • सिविल इंजीनियरिंग
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग

इसके अलावा, संस्थान में 12वीं के बाद बी.टेक. स्तर पर सिविल, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस (CS), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग’ जैसे अत्याधुनिक पाठ्यक्रम पूर्व से ही सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।

डिप्लोमा के बाद सीधे बी.टेक. में मिलेगा प्रवेश-

प्रबंधन के अनुसार, जो विद्यार्थी सृजन कॉलेज से पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पूरा करेंगे, उन्हें आगे उच्च अध्ययन के लिए बी.टेक. में लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे प्रवेश का शानदार अवसर भी प्राप्त होगा। गौरतलब है कि यहाँ से बी.टेक. की शिक्षा प्राप्त कर चुके सैकड़ों पूर्व विद्यार्थी आज देश-विदेश की कई नामी संस्थाओं और कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

डिग्री के साथ हुनर और आत्मविश्वास पर जोर-

संस्था के चेयरमैन अनिल झालानी ने इस नई पहल पर जानकारी देते हुए बताया कि सृजन कॉलेज का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान या डिग्री थमाना नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक हुनर, आत्मविश्वास और एक सफल करियर के लिए तैयार करना है। इसी विजन के तहत कॉलेज परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं (लैब्स), सुसज्जित वर्कशॉप और अनुभवी फैकल्टी मौजूद है। साथ ही, युवाओं को प्लेसमेंट सहायता, स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए विशेष मार्गदर्शन की सुविधाएं भी निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अपने शहर में पढ़ने से बचता है पैसा, मिलता है सुरक्षित माहौल-

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे. एस. यादव ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा के फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने ही शहर में अध्ययन करने से विद्यार्थियों को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। उन्हें एक सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण तो मिलता ही है, साथ ही माता-पिता का पारिवारिक सहयोग भी बना रहता है। इसके अलावा, बड़े शहरों की तुलना में यहाँ काफी कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि सही शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और विद्यार्थियों का परिश्रम ही उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार बनता है।

प्रवेश प्रक्रिया हुई प्रारंभ-

कॉलेज के समन्वयक निसर्ग दुबे ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया विधिवत रूप से प्रारंभ कर दी गई है। जो भी विद्यार्थी या उनके अभिभावक इन रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक हैं, वे विस्तृत जानकारी के लिए सीधे सृजन महाविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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